US Strikes Venezuela की खबर ने पूरे लैटिन अमेरिका में हलचल मचा दी है। 3 जनवरी 2026 को सुबह के समय संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे राजधानी काराकस सहित चार शहरों में धमाके सुनाई दिए। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी लागू कर दी और नागरिकों को सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए।
US Strikes Venezuela, धमाके के साथ साथ सैन्य हमले
आजतक न्यूज वेबसाइट के अनुसार काराकस में सुबह लगभग 2 बजे के आसपास कई जोरदार धमाके सुने गए और कम ऊँचाई पर अमेरिकी सैन्य विमान या हेलीकॉप्टरों के उड़ने की आवाज़ें आईं, जिससे शहर में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धमाके मुख्य रूप से काराकस के आसपास के सैन्य अड्डों और रणनीतिक ठिकानों पर हुए हैं।
वेनेजुएला की सरकार का दावा
US Strikes Venezuela के संबंध में वेनेजुएला सरकार ने दावा किया है कि धमाके काराकस, मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा जैसे चार अलग-अलग शहरों और राज्यों में भी सुनाई दिए और सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक क्षेत्रों पर हमले हुए। विपक्षी और सरकारी बयान में यह हमला अमेरिका की सैन्य गतिविधि बताया जा रहा है।
Breaking News: अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को लिया कब्जे में
Alzazeera News Reports की माने तो अमेरिका की ओर से अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन कुछ रिपोर्टों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर सफलतापूर्वक स्ट्राइक की है और कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया और देश से बाहर ले जाया गया है। यह दावा मीडिया रिपोर्ट के रूप में सामने आया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रम्प का आरोप
ट्रम्प प्रशासन ने पहले से ही वेनेजुएला में मादुरो सरकार पर नशीले पदार्थों की तस्करी और गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप लगाए थे, और पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने कई सैन्य गतिविधियाँ और दबाव नीति अपनाई थी। इसमें समुद्र पर नशीले पदार्थों से जुड़े जहाज़ों पर हमले भी शामिल रहे, लेकिन यह शुरुआती हवाई हमले का सबसे बड़ा Reported escalation है।
क्या आगे बड़ा युद्ध खड़ा हो सकता है?
इस समय स्थिति बहुत तनावपूर्ण और अस्थिर है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से राजनीतिक और सैन्य तनाव रहा है, और अब यह घटना दोनों देशों के बीच तनाव को सबसे उच्च स्तर पर ले गई है। हालाँकि अमेरिका की तरफ से अभी तक कांग्रेस या पेंटागन से आधिकारिक पुष्टि नहीं आई, जिससे कई विश्लेषक इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कठिन निर्णयों से जुड़ा मामला मान रहे हैं। ऐसी संभावना है कि जल्द ही ट्रम्प की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक बयान आ सकते है।
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