रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) IPL की सबसे चर्चित और पसंदीदा टीमों में से एक है विराट कोहली फॉफ डु और ग्लेन मैक्सवेल जैसे सितारों से सजी ये टीम हर सीजन रोमांचक मुकाबले खेलती है लेकिन अब तक एक भी आईपीएल ट्रॉफी जीतने में नाकाम रही है इस बार भी आरसीबी ने 82.25 करोड रुपए खर्च करके अपनी टीम को मजबूत करने की कोशिश की है और अपना पहला मुकाबला 22 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स KKR के खिलाफ खेलेगी।
लेकिन उसके सामने बहुत सारी कठिनाइयां दिखाई पड़ रही हैं क्या इस बार Royal Challengers Bangalore का सपना पूरा हो पाएगा? क्या टीम अपनी पुरानी गलतियों से सीख कर खिताब जीतने की ओर बढ़ेगी?
KKR vs RCB
उसे अपनी कुछ हम कमजोरी को समझना होगा जो उसकी राह में रोड़ा बन सकती है आज हम इसी बात पर चर्चा करेंगे…
टीम में तेज गेंदबाजी की कमी
Royal Challengers Bangalore के पास जोश हेजलवुड जैसा बेहतरीन गेंदबाज जरूर है लेकिन उसके अलावा विदेशी तेज गेंदबाजों की लिस्ट में नुवान तुषार, रोमारियो शेफर्ड और लूंगी एनगिड़ी है हालांकि इन तीनों गेंदबाज का प्रभाव उतना मजबूत नहीं दिखता जितना हेजलवुड का हो सकता है।
आखिर क्या है RCB की कमजोरी?
हाजेलवुड अनुभवी और घातक तेज गेंदबाज हैं लेकिन अगर वह चोटिल हो गए या फॉर्म में नहीं रहे तो आरसीबी की तेज गेंदबाजी कमजोर पड़ सकती है। रोमारियो शेफर्ड एक अच्छे ऑलराउंडर हैं लेकिन वह डेथ ओवर्स में महंगे साबित हो सकते हैं। लूंगी एनगिड़ी के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है और वह अक्सर चोट से जूझते हैं। नुवान तुषारा युवा और अनुभवहीन है जिससे बड़े मैचों में उन पर दबाव बढ़ सकता है।
RCB आलराउंडर्स की कमी
किसी भी टीम की सफलता के लिए ऑलराउंडर का अहम योगदान होता है RCB ने इस बार कुणाल पांड्या को शामिल किया है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छा योगदान दे सकते हैं लेकिन इसके अलावा टीम के पास कोई दूसरा दमदार भारतीय ऑलराउंडर नहीं है। कुणाल पांड्या अनुभवी खिलाड़ी है लेकिन वह अकेले पूरे सीजन टीम के संतुलन को बनाए नहीं रख सकते। ऑलराउंडर कि इस कमी से आरसीबी के बैटिंग और बोलिंग डिपार्टमेंट में गहरी समस्या हो सकती है अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है या फॉर्म में नहीं रहता तो टीम के पास विकल्प कम होंगे!