Digital Detox: आजकल के समय में बढ़ते डिजिटलाइजेशन की वजह से हमारा अधिकतर समय लैपटॉप, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर बीतता है। दिनभर डिजिटल उपकरणों से जुड़े रहने की वजह से न केवल मानसिक थकान होती है बल्कि ये हमारी फिजिकल हेल्थ पर भी गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि हम डिजिटल डिटॉक्स करें जो न सिर्फ हमारी मेंटल हेल्थ को अच्छा कर सके बल्कि हम फिजिकल रूप से भी एक्टिव रह सके। डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) करने से पहले जरूरी है कि हम ये जान ले कि डिजिटल डिटॉक्स है क्या और इसकी जरूरत क्यों होती है?
क्या है डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) ?
डिजिटल डिटॉक्स का अर्थ है कुछ समय के लिए खुद को डिजिटल उपकरणों जैसे कि मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, टैबलेट और सोशल मीडिया से दूर रखना। इससे आपको मानसिक और शारीरिक शांति मिलेगी और आपकी हेल्थ बेहतर होगी। बहुत जरूरी है कि हम इस टेक्नोलॉजी के युग में कुछ समय के लिए “टेक्नोलॉजी ब्रेक” लें जिसकी वजह से हम अपने आस पास के Real World से जुड़ सके और हमारा मन शांत हो सके।
Digital Detox क्यो है जरूरी?
आजकल का समय डिजिटल युग के नाम से जाना जा रहा है। हर काम करने के लिए डिजिटल उपकरणों की आवश्यकता होती है। एंटरटेनमेंट हो या सोशल मीडिया का वर्क, ऑनलाइन शॉपिंग हो या हमारा ऑफिस वर्क, हर चीज के लिए हमें डिजिटल उपकरणों पर ही निर्भर रहना होता है, लेकिन इसका हमारे मानसिक स्वास्थ्य(Mental Health) और शारीरिक स्वास्थ्य(Physical Health) पर काफी बुरा असर पड़ता है।

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Online Active रहने से Mental Health पर प्रभाव
आपको जानकर हैरानी होगी कि जो लोग सोशल मीडिया का ज्यादा उपयोग करते हैं वो डिप्रेशन(Depression) और एंजायटी(Anxiety) जैसी समस्या से भी घिर सकते हैं।
UC सैन फ्रांसिस्को की तरफ से किए गए अध्ययन में ये पाया गया कि अगर 9 से 10 वर्ष के बच्चे स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताते हैं तो उन्हें मानसिक बीमारी हो सकती है।
इतना ही नहीं लगातार ऑनलाइन रहने की वजह से FOMO(Fear of Missing Out) जैसी समस्या हो सकती है। इस समस्या में हर समय व्यक्ति को अपडेटेड रहने का प्रेशर फील होता रहता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिताने से हमारी कंसंट्रेशन(Concentration)में भी कमी आती है।
ज्यादातर मोबाइल पर एक्टिव रहने की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या भी बढ़ सकती है।
जो लोग ज्यादातर मोबाइल या लैपटॉप पर समय बिताते हैं उनका फोकस वीक होता है और साथ ही उनकी सोशल लाइफ पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
Physical Health पर पड़ने वाले प्रभाव
ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों के साथ-साथ सर दर्द की समस्या भी लाता है।
यदि आप ज्यादा देर तक लैपटॉप के सामने बैठते हैं तो आपको गले और सिर में दर्द की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।
मोबाइल ज्यादा तक देखने से आंखों में जलन होती है।
ज्यादा देर तक ऑनलाइन रहने से नींद पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
Digital Detox के उपाय
पूरे हफ्ते में एक ऐसा दिन निकाले जब आप सोशल मीडिया से खुद को दूर कर ले। आप उस दिन बाहर घूमने जा सकते हैं, अपनी फैमिली के साथ टाइम स्पेंड कर सकते हैं या एक अच्छी नींद ले सकते हैं।
अपनी स्क्रीन टाइम भी लिमिटेड रखें। ये निर्धारित करें कि आपको दिन में कितना स्क्रीन टाइम लेना है। इस समय सीमा के भीतर आप डिजिटल उपकरणों का प्रयोग करें।
यदि आप फिजिकली एक्टिव रहेंगे तो आप अपने आप ही डिजिटल डिवाइस से दूर हो जाएंगे। आप मेडिटेशन, योग या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं जो न सिर्फ आपके शरीर के लिए बल्कि आपकी मेंटल हेल्थ के लिए भी काफी अच्छी होगी।
यदि आप अपना ज्यादातर समय लैपटॉप के सामने बिताते हैं और आपको डिप्रेशन जैसी स्थिति महसूस हो रही है तो आप स्क्रीन से हटकर कुछ प्रेरणादायक किताबें पढ़ सकते हैं जो आपको मानसिक रूप से शांत करेगी।
ध्यान दें कि डिजिटल डिवाइसेज भले ही हमारे जिंदगी का अहम हिस्सा क्यों ना हो लेकिन इसका इस्तेमाल एक सीमा तक ही अच्छा रहता है। यदि हम डिजिटल डिटॉक्स(Digital Detox) होना चाहते हैं तो हमें अपने जीवन में इन नियमों का पालन करना पड़ेगा।
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