Basant Panchami Amrit Snan 2025: बसंत पंचमी( Basant Panchami) के दिन आज अंतिम अमृत स्नान करने पहुंचे करोड़ो श्रद्धालु। ब्रह्म मुहूर्त में पंचमी तिथि थी इसलिए बसंत पंचमी का अंतिम अमृत स्नान आज ही संपन्न होगा। सबसे पहले नागा साधुओं के अखाड़े त्रिवेणी की पवित्र नदी में डुबकी लगाने जाएंगे। जब नागा साधुओं के दल अपने अखाड़े में वापस लौट जाएंगे तो करोड़ों संख्या में भक्त भी प्रयागराज की त्रिवेणी नदी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
आज है Basant Panchami Amrit Snan
बसंत पंचमी का दिन विशेष रूप से मां सरस्वती के के लिए समर्पित होता है। देवी सरस्वती को ज्ञान, संगीत और कला की देवी कहा जाता है। महाकुंभ(Mahakumbh 2025) का हर स्नान धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है लेकिन Basant Panchami Amrit Snan ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दिन कला, संगीत और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है इसलिए मान्यता है कि जो महाकुंभ में आज के दिन जो व्यक्ति त्रिवेणी नदी में डुबकी लगाता है वो अपने जीवन में अपार सफलता प्राप्त करता है। आज के दिन Prayagraj में Amrit Snan जारी है। लाखों करोड़ों श्रद्धालु लगा रहे हैं आस्था की डुबकी।
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh | Devotees take a holy dip on the occasion of Basant Panchami.
The Maha Kumbh 2025, which commenced on January 13, will continue until February 26.#MahaKumbh2025 pic.twitter.com/b4M4UrHrg6
— ANI (@ANI) February 3, 2025
मुख्यमंत्री ने दी Basant Panchami Amrit Snan पर बधाइयाँ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महाकुंभ 2025 के Basant Panchami Amrit Snan के पावन अवसर पर सभी भक्त जनों को बधाई दी है उन्होंने अपने ऑफिशियल हैंडल ट्विटर(वर्तमान में X) पर पोस्ट लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि “प्रयागराज में बसंत पंचमी(Basant Panchami) के पावन अवसर पर त्रिवेणी नदी में स्नान करके पुण्य लाभ मिलता है। सभी साधु संतों, अखाड़ों, धर्माचार्यों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को बधाई!”
महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पवित्र त्रिवेणी संगम में पावन अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई! pic.twitter.com/iRpCi1FmJg
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 2, 2025
कैसे करें Basant Panchami के दिन Amrit Snan
मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में बसंत पंचमी के दिन साधु संतों के गंगा स्नान का अनुसरण करना चाहिए। आस्था की डुबकी लगाने से पहले तट से दूर जाकर पवित्र जल से शरीर की शुद्धिकरण किया जाता है, इस प्रक्रिया को मलापकर्षण स्नान कहते हैं। इसके बाद नदी में प्रवेश करके जल लेकर संकल्प लिया जाता है। गंगा स्नान की बात सूर्य की दिशा में मुंह करके पांच बार डुबकी लगाकर तर्पण करना चाहिए।
घर पर रहकर करें गंगा स्नान
बसंत पंचमी के दिन त्रिवेणी स्नान का जितना ज्यादा महत्व है उतना ही महत्व है गंगा स्नान का भी। त्रिवेणी घाट पर काफी भीड़ होने की वजह से बहुत से लोग वहां जाकर Basant Panchami Amrit Snan नहीं कर पा रहे हैं इसके लिए उन्हें घर पर ही गंगा स्नान करना चाहिए। एक खाली बर्तन में थोड़ा सा गंगाजल लें, उसके बाद उसमें सादा पानी मिला ले और उस पानी से आप स्नान करें, आपको अच्छे फल की प्राप्ति होगी।
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गंगा स्नान के बहुत लाभ हैं। बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन अगर आप गंगा स्नान करने जाते हैं तो भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं महाकुंभ (Mahakumbh 2025) का Basant Panchami Amrit Snan करने से हमारे सात पीढ़ी शुद्ध होती हैं और हमारे पितरों की आत्मा तृप्त होती है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था और मान्यता है कि प्रयागराज में गंगा-जमुना के साथ अदृश्य रूप में विराजमान है मां सरस्वती। इस दिन अमृत स्नान करने से सफलता प्राप्त होती है और शरीर निरोगी होता है।
विधार्थी जरूर करें माँ सरस्वती की पूजा
बसंत पंचमी के दिन विद्यार्थी लोगों को सरस्वती मां की पूजा जरूर करनी चाहिए क्योंकि मां सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा जाता है। अगर विद्यार्थी इस दिन मां सरस्वती की पूजा करते हैं तो वो ज्ञान और कला के क्षेत्र में प्रगति करते हैं। ये पर्व आध्यात्मिक समृद्धि का भी प्रतीक है इस वजह से विद्यार्थी लोगों को सुबह के समय नहा धोकर मां सरस्वती जी का मंत्र जाप जरूर करना चाहिए।