Chatgpt and Deepseek Banned
Chatgpt and Deepseek Banned

Chatgpt and Deepseek Banned: वित्त मंत्रालय(Finance Ministry) की तरफ से कल आदेश जारी किया गया है कि उनके जितने भी कर्मचारी हैं वो ऑफिस में  Chat GPT या Deepseek जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल नहीं करेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार ये आदेश वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए ही जारी किया गया है। जो टूल्स मंत्रालय की तरफ से उनके कर्मचारियों को दिए जाएंगे जैसे कि कंप्यूटर, लैपटॉप या टैबलेट उनमें AI टूल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध (Chatgpt and Deepseek Banned) लगा दिया गया है। 5 फरवरी 2025 को मंत्रालय की तरफ से आदेश जारी किया गया। चलिए जानते हैं आखिर क्यो लगाई गयी रोक? 

Chatgpt and Deepseek Banned: व्यय विभाग में जारी किया आदेश

29 जनवरी 2025 को व्यय विभाग की ओर से सूचना जारी की गई थी कि यदि AI Tools (ChatGPT and Deepseek) इस्तेमाल होता है तो जितनी भी सीक्रेट इनफॉरमेशन है उनके लीक होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वजह से वित्त मंत्रालय(Finance Ministry) की तरफ से ये कदम उठाया गया। आपको बता दे वित्त मंत्रालय के अंतर्गत जितने भी विभाग आते हैं उनके लिए आदेश जारी किया गया है। केवल भारत में ही नहीं इससे पहले इटली और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी AI टूल्स का इस्तेमाल करना Ban कर दिया गया है। 

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इंटरनल डेवलपमेंट एडवाइजरी की तरफ से जानकारी दी गई है कि AI टूल्स(ChatGPT and Deepseek) का इस्तेमाल करने पर सूचनाएं लीक हो सकती हैं। बीते 4 फरवरी को ये जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सामने आई। आपको बता दें Open AI के प्रमुख सैम अल्टमैन इस समय भारत आए हुए हैं। होने 5 फरवरी को कई भारतीय सरकारी ऑफीसर से मुलाकात भी की। माना जा रहा है कि वो भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी मिल सकते हैं। 

Chatgpt and Deepseek Banned: ChatGPt पर लग रहे हैं कॉपीराइट के आरोप

Prabhat Khabar की Official Website पर दी गयी जानकारी के अनुसार भारत मे कुछ दिनों पहले Open AI को कानूनी विवाद का सामना करना पड़ा। आपको बता दें भारत के Book Publishers और अंतरराष्ट्रीय समकक्षों की तरफ से Open AI के खिलाफ नई दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें आरोप लगाया गया कि Illegal तरीके से Open AI के मॉडल्स उनके Data का उपयोग कर रहे हैं। भारत की प्रमुख टेक्नोलॉजी फर्म ने मुकदमा दायर किया कि Open AI बिना किसी परमिशन के उनके Data का उपयोग अपने ChatGPt मॉडल को ट्रेन करने के लिए कर रहा है।

इतना ही कंपनी की तरफ से OpenAI से मुआवजे की मांग की गई है। हालांकि ओपन एआई की तरफ से ये सभी आरोप सिरे से ख़ारिज किये गए हैं और बोला गया है कि उसने अपने ChatGPt मॉडल को पब्लिक डाटा का इस्तेमाल करते हुए प्रशिक्षित किया है। Digital News Units जैसे कि The Indian Express और The Hindustan Times की तरफ से भी इस संदर्भ में लीगल एक्शन उठाया गया है। 

AI Field में हो रहे बड़े Development

आज के समय में दुनिया भर में AI की फील्ड में बड़े-बड़े डेवलपमेंट किया जा रहे हैं। चीन की एक स्टार्टअप कंपनी ने Deep Seek को लॉन्च करके पूरी दुनिया को चौंका दिया लेकिन कई देशों ने डाटा लीक होने का खतरा देखते हुए पब्लिक सेक्टर डिपार्टमेंट और कॉरपोरेशन सेक्टर में AI टूल के इंटरनल Use पर रोक लगा दी गई है यानि इन Tools का इस्तेमाल करके कोई भी ऑफिशियल वर्क नहीं किया जा सकता। 

Deep Seek से हो सकता है बड़ा खतरा

जिस समय Deep Seek लॉन्च हुआ था उसके बाद सबसे बड़ी चिंता जताई गई थी कि यदि इस AI Tool का इस्तेमाल किया गया तो सारा डाटा चीन की सरकार के साथ शेयर हो सकता है। चीन की तरफ से भी ऐसा नियम भी बनाया है कि अगर आवश्यकता पड़ती है तो कंपनियां वहां की इंटेलिजेंस एजेंसी के साथ अपना डाटा शेयर करेंगी। 

डाटा को लेकर सुरक्षा संबंधित चिंताएं Deep Seek के लिए सही हो सकती हैं लेकिन दूसरे AI मॉडल को अगर इस्तेमाल किया जाता है तो ये सुनिश्चित भी होता है कि कंपनी किसी भी तरह के संवेदनशील यूजर डाटा को नहीं लेगी। 

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