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Breaking News Sheikh Hasina Verdict: बांग्लादेश की राजनीति में इस समय काफी तनाव नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के फैसला का दिन है। इस फैसले का इंतजार बहुत लंबे समय से किया जा रहा था। शेख हसीना(Sheikh Hasina) की पार्टी आवामी लीग की तरफ से बांग्लादेश में लॉकडाउन का ऐलान भी किया गया है। फैसले से पहले पूरे देश में हाई अलर्ट है। 

Breaking News Sheikh Hasina Verdict: 32 बम विस्फोट और दर्जनों बसों में लगाई गई आग 

शेख हसीना के खिलाफ अदालत की फैसले से पहले देश में हिंसा बढ़ती नजर आ रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और बांग्लादेश जमात- ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओ ने बीते गुरुवार को ढाका के कई इलाकों में जुलूस भी निकाले। अल जजीरा के अनुसार बीते बुधवार को बांग्लादेश में 32 बम विस्फोट हुए और दर्जनों बसों में आग लगाई गई। ढाका एयरपोर्ट के पास भी बीते गुरुवार को दो बम फटे लेकिन इस बम विस्फोट में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। 

स्कूल चल रहे हैं ऑनलाइन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट हुआ बंद 

सुरक्षा की दृष्टिकोण से राजधानी ढाका के साथ-साथ बांग्लादेश के कई बड़े शहरों में स्कूल की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की गई है। इतना ही नहीं पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि होने वाले प्रदर्शन और विस्फोट का असर आम जनता पर ना पड़े।

राजधानी में पैरामिलिट्री फोर्स हुई तैनात

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 400 पैरा मिलिट्री फोर्स भी तैनात किए गए हैं। आपको बता दे आज यानी 17 नवंबर को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में कोर्ट की तरफ से फैसला सुनाया जाना है। ज्ञात हो कि शेख हसीना पर 2024 में छात्र आंदोलन में हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगा था। नीचे दिखाए गए वीडियो में आप खुद ही देख सकते हैं कि इस समय बांग्लादेश का हाल क्या है? 

Bangladesh Violent Scenes: Anti-Yunus Rampage, Bombs, Buildings Ablaze As Hasina Trial Verdict Nears

आरोप या झूठ का तमाशा 

बीबीसी को दिए गए इंटरव्यू में शेख हसीना की तरफ से कहा गया है कि पिछले साल हिंसक विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ो लोगों की हत्या और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप सरासर झूठ है, ये महज एक तमाशा बनाया जा रहा है ।

ज्ञात हो कि हसीना पर आरोप लगाया गया था कि उनकी सरकार में तानाशाही चलाई गई थी। बांग्लादेश में किए गए छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए उन्होंने आदेश दिया कि निहत्थे प्रदर्शनकारियो पर गोलियां चलाई जाए। 2024 में हुए छात्र आंदोलन में संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक 1400 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इतना ही नहीं 2024 में कोर्ट में एक ऑडियो को सबूत के तौर पर भी पेश किया गया था जिसमें हसीना हिंसा को रोकने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करने की बात कर रही थी।

आज बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर फैसला सुनाया जाने वाला है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के जवान चार जिलों में तैनात किए गए हैं। बम फटने की  घटनाओं को फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है इसलिए निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटा जाए।