Election Commission of India
Election Commission of India

Election Commission of India की तरफ से हाल ही में BJD, BJP और TMC के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई, जिसका मुख्य विषय था मतदाता सूची (Voters List) में गड़बड़ी पाया जाना। चुनाव आयोग में तीनों दलों को पूरी तरह से भरोसा दिला दिया है कि आने वाले तीन महीनो के अंदर पार्टियों की चिंता का समाधान हो जाएगा।  इतना ही नहीं आयोग की तरफ से इन तीन महीनों के दौरान मतदाता पहचान पत्र में एक यूनिक नंबर सिस्टम को लागू किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसके तहत हर एक मतदाता का एक स्पेसिफिक नंबर होगा जो आधार नंबर की तरह होगा, जिससे मतदाता की पहचान को मजबूती मिल सकती है। 

Election Commission of India करेगा फेक वोटर्स की छटनी

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया की तरफ से अब फेक वोटर्स को बाहर निकाल दिया जाएगा। आयोग की तरफ से स्पष्ट किया जा चुका है कि मृत मतदाता, जिनका ट्रांसफर हो गया है ऐसे मतदाता और डुप्लीकेट मतदाता के विषयों का समाधान बूथ स्तर पर ही किया जाने वाला है, इसलिए प्रत्येक बूथ स्तर पर अधिकारी और संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के साथ-साथ राजनीतिक पार्टी के बूथ एजेंट्स की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए।

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Election Commission of India की तरफ से लिया गया यूनिक नंबर सिस्टम का ऐतिहासिक फैसला वाकई में काबिले तारीफ है, इससे फेक वोटर्स में कमी आएगी। अब हर मतदाता के पास केवल एक वैलिड आईडेंटिटी कार्ड होगा जिसके तहत उन्हे यूनिक EPIC Number दिया जायेगा। आने वाले समय में अधिक सुरक्षित मतदाता पंजीकरण प्रणाली देखने को मिल सकती है। इसके अलावा मतदाता लिस्ट के साथ पूरे डेटाबेस को भी अधिक सटीक और विश्वसनीय डेटाबेस में परिवर्तित किया जाएगा। 

हितधारकों का होगा प्रशिक्षण

इस समय हमारे देश में 10.50 लाख वोटिंग बूथ और 100 करोड़ मतदाता हैं। साथ ही चुनाव आयोग( Election Commission of India) में 28 तरह से हितधारक भी देखे जा सकते हैं। चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची निर्माण के तहत आने वाले हितधारकों का पूरा प्रशिक्षण भी संपन्न कराया जायेगा। इतना ही नहीं चुनाव आयोग की तरफ से ये भी सुनिश्चित किया जाने वाला है कि चुनाव के दौरान एक मतदान केंद्र में 800 से 1200 तक मतदाता ही हों। Voters से मतदान स्थल की डिस्टेंस 2 किमी या उससे कम हो, इस तरह की सुविधा से अधिक से अधिक मतदाता मतदान केंद्र में जाकर वोट डाल सकेंगे। 

फेक वोटर्स पर गिरेगी गाज

Election Commission of India की तरफ से इस तरह का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि लंबे समय से विपक्षी दलों की तरफ से ये आरोप लगाए जा रहे थे कि इलेक्शन के दौरान काफी धांधली होती है और फेक वोटर्स वोट डालने आते हैं। इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया का ये फैसला फेक वोटर्स पर गाज की तरह गिरने वाला है। अब भारत की चुनाव प्रणाली और भी अधिक पारदर्शी बन जाएगी और चुनाव में सिर्फ वैलिड वोटर्स ही जा पाएंगे। 

आधुनिक तकनीकी का किया जाएगा इस्तेमाल

कुछ ही समय बाद केरल, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने हैं, ऐसा माना जा रहा है इन चुनाव में आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल किया जा सकता है। Election Commission of India का ईवीएम का नया प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में सभी चुनाव ईवीएम से ही कराए जा सकते हैं। क्योंकि मतदान राष्ट्र सेवा की पहली सीढ़ी है इसलिए इसे और भी अधिक पारदर्शी बनाना बहुत जरूरी है।