US ready to enter Iran amid violent protests: ईरान में व्यापकरूप से फैल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का प्रयोग करती है तो “US ready to enter Iran amid violent protests” की स्थिति सामने आ सकती है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “locked and loaded and ready to go” है, यानी ज़रूरत पड़ने पर मौके पर हस्तक्षेप के लिए पूरी तरह तैयार है।
US ready to enter Iran amid violent protests: प्रदर्शन क्यों भड़के?
ईरान में नया विरोध प्रदर्शन आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ शुरू हुआ था। जनता का रोष जल्दी ही व्यापक सामाजिक और राजनीतिक असंतोष में बदल गया। कई शहरों में प्रदर्शनकारी बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।
प्रदर्शन तेज़ी से फैलते हुए कई महीनों में सबसे बड़े मोर्चे पर पहुंच चुके हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कम से कम तीन से सात लोग प्रदर्शन के दौरान मारे गए हैं, जबकि मानवाधिकार समूहों का कहना है कि यह संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।
ट्रंप की चेतावनी: US ready to enter Iran amid violent protests
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि, “अगर ईरान **शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारता है और उन्हें मारता है — जो उनकी आदत है — तो United States of America उनके बचाव के लिए आएगा। हम ‘locked and loaded and ready to go’ हैं।”
ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसी भी संभावित हस्तक्षेप का स्वरूप क्या होगा — सैन्य, राजनयिक या अन्य — लेकिन यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वे गंभीरता से इस मुद्दे को ले रहे हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी चेतावनी को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है और कहा है कि विदेशी शक्तियों द्वारा तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है। देश की सुरक्षा परिषद के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप से क्षेत्रीय स्थिरता बिगड़ सकती है और यह क्षेत्र में व्यापक संकट का कारण बन सकता है।
मध्य पूर्व में पहले से ही कूटनीतिक और सैन्य तनाव की स्थिति विद्यमान है, जिसमें ईरान और अमेरिका के बीच पिछले साल भी कई बार टकराव देखने को मिला है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा को रोकने के लिए सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और संवाद शुरू करने की अपील की है। इन समूहों का कहना है कि नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता को सम्मान देने की आवश्यकता है, तभी इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त किया जा सकता है।
क्या होगा परिणाम?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर ईरानी सत्ता प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए बल का उपयोग जारी रखती है, तो यह मामला सीधे अमेरिका के हितों और मध्य पूर्व में सामरिक समीकरण के बीच टकराव का कारण बन सकता है। ऐसे में US ready to enter Iran amid violent protests का बयान सिर्फ एक कूटनीतिक रुकावट नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक संकेत भी बन सकता है।
