World Radio Day: इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा आज का दिन
World Radio Day: इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा आज का दिन

World Radio Day: आजकल के गूगल के जमाने में बहुत कमी है जो रेडियो के महत्व को समझते हैं। एक दौर था जब हमारे देश पर रेडियो का राज था। दिन की शुरुआत होती थी “ये है विविध भारती…” से। दोपहर के समय महिलाओं के लिए सखी सहेली का प्रोग्राम एक अच्छा टाइम पास था। समय बदलने के साथ-साथ रेडियो कहीं गुम हो गया। आज 13 फरवरी को World Radio Day मनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र रेडियो से पहली बार रेडियो का प्रसारण 13 फरवरी 1945 को ही किया गया, लेकिन विश्व रेडियो दिवस को मनाने की शुरुआत साल 2012 में हुई। 

World Radio Day रेडियो की दीवानगी अभी भी है बरकरार

विश्व रेडियो दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है रेडियो का योगदान मानव जीवन में कितना रहा इस बारे में इनफार्मेशन देना। मॉडर्न जमाने में भी रेडियो एंटरटेनमेंट, इनफॉरमेशन और नॉलेज का मुख्य जरिया माना जाता है। भले ही आज फोन और कंप्यूटर जैसी टेक्नोलॉजी आ गई हैं लेकिन रेडियो की दीवानगी अभी भी कम नहीं हुई है। ये जनसंचार का ऐसा माध्यम है जिसके जरिए बहुत से लोगों तक एक साथ संदेश पहुंचा जा सकता है। 

World Radio Day 2025 की थीम

हर साल 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस एक विशेष थीम के तहत मनाया जाता है।  2025 में विश्व रेडियो दिवस की थीम है “रेडियो: एक सदी की जानकारी, मनोरंजन और शिक्षा”। आधुनिक समाज में रेडियो की भूमिका का महत्व दर्शाने के लिए ये दिन मनाया जा रहा है। रेडियो न सिर्फ विविधता को बढ़ावा दे रहा है बल्कि समुदायों को जोड़ने, सूचना के प्रसार और सशक्तिकरण में इसकी भूमिका का विशेष महत्व है। 

आकाशवाणी पर महात्मा गांधी के भाषण की गूंज

भारत को आजादी दिलाने में भी रेडियो का एक महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महात्मा गांधी की तरफ से आकाशवाणी(All India Radio) पर भाषण दिया गया था जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए काफी महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ। उनका भाषण आज भी याद किया जाता है। महात्मा गांधी ने जो ऑल इंडिया रेडियो पर संदेश दिया, उसकी गूंज आज भी पूरे देश में उठती है। 

आजादी पर नेल्सन मंडेला ने रेडियो पर दिया था भाषण

1990 में जब नेल्सन मंडेला ने रेडियो पर भाषण दिया तो वह एक ऐतिहासिक क्षण था। उस समय वो जेल से रिहा हुए थे। उन्होंने नस्लवाद और अलगाववाद के खिलाफ उन्होंने संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया था। उनके इस भाषण ने दक्षिण अफ्रीका में लोकतंत्र कायम करने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। 

डिजिटल युग में रेडियो का भविष्य

आजकल का समय डिजिटल युग के नाम से जाना जाता है जिसमें रेडियो का अभी भी महत्वपूर्ण स्थान है। वेब रेडियो, AM, FM और पॉडकास्टिंग जैसे नई तकनीक का इस्तेमाल करके रेडियो जगत को और भी प्रभावशाली और सुलभ बना दिया गया है। प्राकृतिक आपदाएं हो या चुनावी अभियान, दोनों में रेडियो की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। घर से बाहर रहने पर रेडियो ही होता है जो हमें बताता है कि देश दुनिया में क्या चल रहा है। 

Social Media पर दी World Radio Day पर बधायी

All India Radio News के Official X Handle पर World Radio Day की बधायी का संदेश दिया गया। Akashvani ने भी X पर विश्व रेडियो दिवस को लेकर बधाई दी। 

World Radio Day बताता है कि रेडियो के जरिये न केवल मनोरंजन और सूचना प्राप्त किया जा सकता है बल्कि ये हमारे समाज की विभिन्न वर्गों को जोड़ता है और सशक्त बनाता है। भले ही डिजिटिलाइजेशन कितना भी बढ़ जाए रेडियो के महत्व को नहीं नकारा जा सकता। न सिर्फ सूचना के लिए बल्कि मनोरंजन और सशक्तिकरण के लिए रेडियो आगे भी महत्वपूर्ण ही रहेगा। 

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